🔱🌺🕉️

हिंदू नववर्ष 2083 और चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं!

19 मार्च 2026 - नव संवत्सर, गुड़ी पड़वा, उगादी और मां शैलपुत्री के आगमन का महापर्व

MAHADEV ASTROLOGER M.A. के सभी पाठकों को चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष की अनंत शुभकामनाएं! आज, 19 मार्च 2026 (गुरुवार) का दिन भारतीय संस्कृति और वैदिक ज्योतिष के अनुसार अत्यंत शुभ और मंगलकारी है। आज ही के दिन से सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा जी ने ब्रह्मांड की रचना प्रारंभ की थी।

आज एक साथ कई महापर्व मनाए जा रहे हैं: उत्तर भारत में चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष, महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, और दक्षिण भारत (कर्नाटक, आंध्र प्रदेश) में उगादी (Ugadi)। यह समय नई शुरुआत, सकारात्मक ऊर्जा और देवी भगवती की आराधना का है।

कलश स्थापना (घटस्थापना) का शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के प्रथम दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप 'मां शैलपुत्री' की पूजा की जाती है। कलश स्थापना हमेशा शुभ मुहूर्त में ही करनी चाहिए ताकि घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो।

🔱 19 मार्च 2026: घटस्थापना मुहूर्त

प्रातः काल का उत्तम मुहूर्त: सुबह 06:52 बजे से 07:43 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक

* पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 06:52 से आरंभ होकर 20 मार्च को सुबह 04:52 तक रहेगी।

वैदिक ज्योतिष: कैसा रहेगा विक्रम संवत 2083?

हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का नाम 'विश्वावसु' है। इस वर्ष का ज्योतिषीय मंत्रिमंडल बेहद दिलचस्प और शक्तिशाली है। MAHADEV ASTROLOGER M.A. की गणना के अनुसार:

नवरात्रि के 9 दिन: शिव और शक्ति का मिलन

चैत्र नवरात्रि केवल उपवास का नहीं, बल्कि शरीर और मन की ऊर्जा को (Detoxify) और ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy) से जोड़ने का समय है। इस दौरान किए गए मंत्र जाप का फल हजार गुना प्राप्त होता है।

🔱 महादेव का विशेष उपाय

नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापना के बाद एक लाल पुष्प और बेलपत्र मां शैलपुत्री और शिवलिंग पर एक साथ अर्पित करें। "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे" के साथ "ॐ नमः शिवाय" का मानसिक जाप आपके घर के सभी वास्तु दोषों और नकारात्मक ऊर्जा को भस्म कर देगा।